PAPA....just dont give your ears....give ur heart to it...Enjoy ur emotions with/for HIM. Confess your love.
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दर्द
फ़िलहाल में, दर्द के बारे में एक बार जानी है दर्द जब होता है तब ही तकलीफ़ होती है चिल्कन, तड़पना, जलन, घबराहट, साँसों का चढ़ना चमड़ी और उ...
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ये करो तो वो मिलेगा… अरे, हम तुम्हारे लिए ये सब कर रहे हैं और तुम इतना नहीं कर सकते !… हमने तुम्हे सब कुछ करने की आज़ादी दी, तुम ये भी नह...
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दबे छिपे ख़्वाब जो मैं जानती भी नहीं कहीं छिपे हैं बेनाम बेपता बेतरतीबी से आँखों से इशारे करने थे ज़ोर की सीटी बजानी है बांसुरी बजाना...
1 comment:
बहुत दिनों के बाद आपकी कोई पोस्ट ब्लाग पर नजर आई है। अच्छी पोस्ट।
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